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विशेषजà¥à¤ž कहते हैं कि साइटिका की समसà¥à¤¯à¤¾ आमतौर पर तब होती है, जब तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं में सूखापन आ जाता है और साथ ही रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ à¤à¥€ खिसकने लगती है। अगर रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में किसी पà¥à¤°à¤•ार की चोट लगी है, तो à¤à¥€ साइटिका होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है।
साइटिका का दरà¥à¤¦, साइटिक नरà¥à¤µ में समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण हो सकता है. इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में कमर से पैरों तक अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• दरà¥à¤¦ और सà¥à¤¨à¥à¤¨ होने की समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है. जिससे शरीर का निचला हिसà¥à¤¸à¤¾ बेकार हो सकता है. कà¤à¥€-कà¤à¥€ आप शरीर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ को थकान या कमजोरी के कारण होने वाला दरà¥à¤¦ समà¤à¤•र नारà¥à¤®à¤² मान लेते हैं लेकिन यह लापरवाही आपके लिठà¤à¤¾à¤°à¥€ पड़ सकती है. साइटिका के दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ आमतौर पर अधिक उमà¥à¤° वाले लोगों में होती है और इस समसà¥à¤¯à¤¾ के होने का खतरा धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨, मोटापा, जेनेटिकà¥à¤¸, खराब लाइफ़सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² ,à¤à¤¾à¤°à¥€ वजन उठाने वाले लोगों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है.
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